पटना: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के लिए शनिवार की पढ़ाई को लेकर नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। नई नीति के तहत अब राज्य के सरकारी विद्यालयों में शनिवार को हाफ डे (आधा दिन) कक्षाएं संचालित होंगी। साथ ही इस दिन ‘बैगलेस डे’ (Bagless Day) की अवधारणा भी लागू की जाएगी, ताकि छात्रों को किताबों के बोझ से राहत मिले और उन्हें गतिविधि आधारित शिक्षा से जोड़ा जा सके। यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की भावना के अनुरूप बताया जा रहा है।
शनिवार को आधे दिन की होगी पढ़ाई
नई व्यवस्था के अनुसार, सरकारी विद्यालयों में शनिवार को नियमित कक्षाएं केवल आधे दिन तक चलेंगी। इसके बाद छात्रों के लिए पारंपरिक पढ़ाई के बजाय रचनात्मक और व्यवहारिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। शिक्षा विभाग का उद्देश्य छात्रों पर शैक्षणिक दबाव कम करते हुए उन्हें व्यावहारिक ज्ञान और कौशल से जोड़ना है।
‘बैगलेस डे’ पर क्या करेंगे छात्र?
बैगलेस डे के दौरान छात्रों को स्कूल बैग लाने की आवश्यकता नहीं होगी। इस दिन विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सीखने पर जोर दिया जाएगा। इनमें—
- खेलकूद
- कला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
- समूह गतिविधियां
- रचनात्मक कार्य
- जीवन कौशल आधारित प्रशिक्षण
- स्वच्छता एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम
जैसी गतिविधियां शामिल की जा सकती हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की समग्र प्रतिभा का विकास करना है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पहल
शिक्षा विभाग का कहना है कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उस उद्देश्य को आगे बढ़ाती है, जिसमें रटने की बजाय अनुभवात्मक (Experiential) और गतिविधि आधारित शिक्षा पर जोर दिया गया है। बैगलेस डे के माध्यम से बच्चों को नई चीजें सीखने, सामाजिक व्यवहार विकसित करने और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
शिक्षकों और छात्रों को मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था लागू होने से शिक्षकों को भी गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने का अवसर मिलेगा। वहीं छात्रों को सप्ताह में एक दिन नियमित पाठ्यक्रम के अलावा रचनात्मक और कौशल आधारित गतिविधियों में भाग लेने का मौका मिलेगा, जिससे उनका मानसिक और शारीरिक विकास बेहतर तरीके से हो सकेगा।
पहले उठ रहे थे बदलाव की मांग
शनिवार को पूरे दिन कक्षाएं संचालित होने को लेकर लंबे समय से शिक्षक संगठनों और जनप्रतिनिधियों की ओर से बदलाव की मांग उठाई जा रही थी। इस मुद्दे पर विधानसभा और विधान परिषद में भी चर्चा हुई थी। इसके बाद सरकार ने प्रस्ताव की समीक्षा कर नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया।
सभी सरकारी विद्यालयों में लागू होगी व्यवस्था
शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार यह व्यवस्था राज्य के सभी सरकारी और संबंधित श्रेणी के विद्यालयों में लागू होगी। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे शनिवार के लिए गतिविधि आधारित कार्यक्रमों की योजना तैयार करें और छात्रों की सहभागिता सुनिश्चित करें।
शिक्षा व्यवस्था में क्या होगा बदलाव?
नई नीति का उद्देश्य केवल स्कूल बैग का बोझ कम करना नहीं, बल्कि छात्रों को किताबों से बाहर की दुनिया से जोड़ना भी है। सरकार का मानना है कि हाफ डे और बैगलेस डे व्यवस्था से बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, टीमवर्क और व्यावहारिक कौशल का विकास होगा, जिससे उनकी सीखने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बन सकेगी।